बारिश शायरी | Barish Shayari

नमस्ते, बारिश के मौसम में भीगना और गरमा गरम चाय पिने का मजा ही कुछ और है। बारिश का मौसम सबको पसंद है, यही मौसम में जब हम बारिश की शायरी सुनते है तो मजा और आता है। यही लेकर आए है barish shayari, barish status, baarish quotes, barish quotes in hindi, barish shayari in hindi, barish sad shayari, dosti barish shayari, barish romantic shayari, barish ki shayari, barish par shayari शेयर कीजिये।

Barish Shayari

ये बादल ये बिजली सिर्फ आपके लिए है, ये मौसम ये हवा सिर्फ आपके लिए है, कितने दिन बीते आपको नहाये हुए, ये बेवक़्त बारिश सिर्फ आपके लिए है…

आज दिन भर बारिश होने की संभावना है.. कृपया अपने दिमाग वाली जगह को प्लास्टिक से ढक लो, क्योकि खाली जगहों में पानी जल्दी भरता है.. Happy Rainy Day!

भीगे मौसम की भीगीसी शुरुआत.. भीगीसी याद भूली हुई बात.. वो भीगीसी आँखे.. वो भीगा हुआ साथ.. मुबारक हो आपको..आज की खूबसूरत बरसात…

क्या मौसम आया है हर तरफ पानी ही पानी लाया है, एक जादू सा छाया है, तुम घरसे बहार मत निकलना वरना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं और मेंढक निकल आया है..

काश आप जिनको चाहते हो उनसे मुलाकात हो जाये, ज़ुबान से न सही आँखों से बात हो जाये, आप का हाथ उनके हाथ में हो, और रिमझिम सी बरसात हो जाये…

ईस बरसात में हम भीग जायेंगे, दिल में तमन्ना के फूल खिल जायेंगे, अगर दिल करे मिलने को तो याद करना.. बरसात बनकर बरस जायेंगे!

आसमान में काली घटा छायी है, आज फिर गर्लफ्रेंड ने 2 बातें सुनाई है, दिल तो करता है सुधर जाऊं मगर, बाजूवाली आज फिर भीग के आई है.. हैप्पी मानसून…

बेसन की रोटी, निम्बू का अचार, दोस्तों की ख़ुशी, अपनों का प्यार, सावन की रैन, किसी का इंतज़ार, मुबारक हो आपको, बारिश की बहार, / / / / / / / / / हैप्पी रैनी डे!

आज तो बोहोत खुश हो गए आप? क्योकि, बारिश जो हो रही है, और बारिश मैं तो, सभी मेंडक खुश होते हैं….. हैप्पी मानसून 

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याद शायरी | Miss U Shayari

बारिश शायरी

पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं, पलकों को छुते ही सीधा दिल पे असर होता हैं, महका महका सावन आज इस दिल को बहका रहा हैं, गुमसुम सी नजरो को आज ये प्यार करना सिखा रहा हैं… हैप्पी मानसून !

न जाने क्यू अभी आपकी याद आ गयी, मौसम क्या बदला बरसात भी आ गयी, मैंने छुकर देखा बूंदों को तो, हर बूंद में आपकी तस्वीर नज़र आ गयी…

कितना अधूरा लगता है तब, जब बादल हो पर बारिश ना हो, जब जिंदगी हो पर प्यार ना हो, जब आँखे हो पर ख्वाब ना हो, और जब कोई अपना हो पर साथ ना हो…

बहुत दिनों से थी ये आसमान की साजिश, आज पुरी हुई उनकी ख्वाहिश, भीग लो अपनों को याद कर के, मुबारक हो आपको साल की ये पहली बारिश… “Happy Rainy Day”

मौसम भी है सुहाना, बारिश भी हो रही है, बस एक कमी है जाना, तेरी याद आ रही है, रिम जिम बरसती बारिश, टीम टीम टपकता पानी, ये शोर कह रहा है, बस एक कमी है जाना, तेरी याद आ रही है, तेरी याद आ रही है…

भीगी मौसम की भीगी सी रात भीगी सी याद भुली हुई बात भुला हुआ वक्त वो भीगी सी आँखें वो बीता हुआ साथ मुबारक हो आप को साल की पहली बरसात…

Barish sad shayari

अब के सावन मे पानी बरसा बहुत, पानी की हर बूँद मे वह आये याद बहुत, इस सुहाने मौसम मे साथ नही था कोई, बादलों के साथ इन आँखों से पानी बहा बहुत…

कितने अजब रंग समेटे है ये बे-मौसम बारिश खुद में; अमीर पकौड़े खाने की सोच रहा है तो किसान जहर।

गर्मी आने से कई जगहों पर लोगों के पंखे चल पड़े हैं लेकिन कुछ अंकल अभी भी 50% डिस्काउंट वाली जैकेट पहने घूम रहे है। अपने पैसे पूरे करने हैं, चाहे गर्मी से दम घुट जाये।

बहुत बिगडे है जमाने के रंग क्योंकि मिल बैठे हैं तीन यार संग संग Summer Monsoon Winter

हर जगह राजनीति चल रही है। आलम यह है कि अब तो ठंड और बारिश ने भी गठबंधन करके सरकार बना ली है। बेचारी गर्मी अल्पमत में हो गई।

प्रिय इंदर देव जी, अगर अप्सराओं से फुर्सत मिल जाये तो कृपया अपने कैलेंडर का महीना चेक कर लो।

ये बारिश नहीं सरकारी कर्मचारी के आँसू हैं, जेटली साहब।

PK के अंदाज़ में मौसम का हाल: मौसम एक दम लूल होई गवा है। बोले तो… ससुरा कभी गरमी लगत है, तो कभी ठण्डा… काउनो फिरकी ले रहा है, हम लोगन का। ई wrong नंबर है… ई गोला पर मौसम का काउनो भरोसा ही नाहीं… एक तो ठण्डा, ऊपर से ई ससुरा बारिश। हम तो कनफुजिया गया हूँ… कि साला स्वेटर पहनू या रेन कोट।

Dosti barish shayari

नारद जी: प्रभु मार्च में बारिश? इंदर देव: मार्च शुरू हो गया है, टारगेट भी तो पूरा करना है।

बजट के बाद रोया है फ़ुर्सत से कोई सारी रात यकीनन; वर्ना रुख़सत-ए- फ़रवरी में यहाँ बरसात नहीं होती!

उसने मुझसे पूछा: तुम मेरे लिये क्या कर सकते हो? और इतनी ठंड मे मैने एक मिनट के लिये अपने उपर से रजाई हटा दी।

गर्मियों में ठंडी हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि… . . . . . . . ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।

क्या किसी के पास उधार स्वरूप् थोड़ी धूप सप्लाई करने की व्य्वस्था है? मई जून तक दोगुने भाव से लौटा दूंगा।

एक जरूरी सूचना: अत्याधिक ठंड की स्थिति में सुप्रभात या गुडमार्निंग के संदेश दोपहर 3:00 बजे तक स्वीकार किये जायेंगे। साथ ही शुभ रात्रि के संदेश 8:00 बजे से मान्य किये जायेंगे।

इस ठण्ड में ग़ालिब का नया शेर: खुद को कर बुलंद इतना कि, हर सुबह घूमने निकले; वहाँ खुदा खुद आकर पूछे, बता तेरी रजाई कहाँ है?

प्रिय दिसंबर तुम वापस आ जाओ, तुम तो सिर्फ नहाने नहीं देते थे यह जनवरी तो मुँह भी नहीं धोने दे रहा। समस्त उत्तर भारतीय!

Barish romantic shayari

गर्मीयो में सर्द हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।

ना मैं दिल में आता हूँ, ना मैं समझ में आता हूँ, . . . . . . . . . . इतनी सर्दी में मैं कहीं नहीं जाता हूँ।

कड़ाके की ठण्ड को देखते हुए केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला: “नहाये हुए व्यक्ति को छूने वाला व्यक्ति भी नहाया हुआ माना जायेगा।” ~ जनहित में जारी

दुनिया में हर कोई एक दूसरे सें जल रहा है, फिर भी कम्बख़्त इतनी ठण्ड क्यों पड़ रही है?

आज सुबह गलती से पंखे का बटन क्या दब गया पूरा परिवार यूँ देखने लग गया जैसे मैं कोई आतंकवादी हूँ।

धूप निकल आई है! जिस-जिस को अपनी चड्डी सुखानी हो वो सुखा ले। बाद में शायरियाँ मत करना।

कल रात नव वर्ष की पार्टी में ज्यादा होने से सूर्य देव टल्ली हो गए। आज Hangover के कारण काम पर नहीं आ सकेंगे। उनकी जगह आज इंदर देव काम संभालेंगे। ~ जनहित में जारी

आज की ठण्ड देखते हुए लगता है, जिनकी शादी हो गयी है वो बधाई के पात्र हैं, और जिनकी नहीं हुई वो रजाई के पात्र हैं।

Barish ki shayari

दिल्ली में इतना अधिक कोहरा है कि आज एक चोर ने महिला समझकर कुत्ते की चैन खींच ली!

शीतकाल को देखते हुए तीन आधुनिक स्नान: 1. online bath: कंप्यूटर पर गंगा के संगम की फोटो निकाल कर उस पर 3 बार माउस क्लिक करें। और फेसबुक पर उसे background photo के रूप में लगाएं। 2. mirror bath: दर्पण में अपनी छवि को देखकर एक-एक कर तीन मग पानी शीशे पर फेंकें और हर बार “ओह्हहा” करें। 3. virtual bath: सूरज की ओर पीठ कर अपनी छाया पर लोटे से पानी की धार गिराएँ और जोर-जोर से “हर-हर गंगे” चिल्लाएं।

क्यों किसी की याद में रोया जाये; क्यों किसी के ख्यालों में खोया जाये; मेरा तो यही कहना है ऐ दोस्त; बाहर मौसम है ख़राब है, . . . . . . . . . क्यों ना रजाई ओढ़ के सोया जाये।

‘नहाना’ मेरी समझ से परे है – जिस शब्द के आगे ‘न’ है और पीछे ‘ना’ है, उस पर हाँ करवाने पर ये दुनिया क्यों तुली है।

मत ढूंढो मुझे इस दुनिया की तन्हाई में; . . . . . . . . यहीं हूँ मैं अपनी रजाई में!

ठण्ड की बात तो कुछ ऐसी है, कि अगर ‘WhatsApp’ पर भी कोई लिख दे “Cool” तो भी बर्दाश्त नहीं होता।

एक तो मेरी काम वाली की समझ नहीं आती कि मेरे साथ क्या दुश्मनी है! गर्मियों में आती थी तो झाड़ू मारने के लिए पंखा बंद कर देती थी; और अब सर्दियों में पोछा सुखाने के लिए पंखा चला देती है।

Barish par shayari

हाय मेरी जान . . . . . . . . . . . . . निकल रही है – सर्दी से!

ऐसे मौसम में क्यों ना मयख़ाना सजाएँ; चाय तो वो पीते हैं, जिनके लीवर में दम नहीं होता।

बड़ी बेवफ़ा हो जाती है ग़ालिब ये घड़ी भी सर्दियों में; पाँच मिनट और सोने की सोचो तो, तीस मिनट आगे बढ़ जाती है।

आज समय है रजाई का अविष्कार करने वाली महान आत्मा को शत-शत नमन करने का। कसम से कमाल की चीज बनाई है।

दुनिया में अच्छे आदमी की तलाश में मत निकलना, . . . . . . . . . . बाहर बहुत ठण्ड है और मैं घर पर ही हूँ।

ज़िन्दगी एक सफ़र है सुहाना, . . . . . . . . . . सर्दी आ गई अब भाङ में जाए नहाना।

एक जरूरी सूचना: अब से हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते करें क्योंकि सर्दी का मौसम है और हो सकता है कि सामने वाले ने नाक साफ करने के बाद हाथ नहीं धोए हों। ~ जनहित में जारी

Baarish quotes

वो आज भी सर्दी में ठिठुर रही है दोस्तों; मैंने एक बार बस इतना कह दिया कि, . . . . . . . . . . “स्वेटर के बिना कैटरीना लगती हो।”

हकीकत समझो या फ़साना; अपना समझो या बेगाना; हमारा आपका है रिश्ता पुराना; इसलिए फ़र्ज़ था आपको बताना; ठंड शुरू हो गयी है, कृपया रोज़ मत नहाना!

सर्दी से बचने का नुस्खा: सुबह-सुबह सोकर उठो तो किसी के ऊपर एक लोटा ठंडा पानी डाल दो, उसके बाद वो उठकर आपको ऐसा गरम करेगा कि पूरे दिन भर ठंड नहीं लगेगी।

आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया; खत्म सभी का इंतज़ार हो गया; बारिश की बूंदे गिरी कुछ इस तरह से; लगा जैसे आसमान को ज़मीन से प्यार हो गया। शुभ सावन!

रोये वो इस कदर उनकी लाश से लिपटकर कि लाश खुद उठ कर बोली, “ले तू मरजा पहले, . . . . . . उपर ही चढे जा रहा है इतनी गर्मी में।”

सुबह-सुबह बारिश होने पर कौन क्या सोचता है? प्रेमी: पक्का आज डेट और भी रोमांटिक हो जायेगी। बच्चा: पक्का आज स्कूल से छुट्टी मिल जायेगी। पति: पक्का आज पकोड़े और चाय हो जायेगी। पत्नी: पक्का आज कामवाली बाई नहीं आयेगी और मेरी बैंड बज जायेगी।

Barish quotes in hindi

भीगे मौसम का भीगा सा साथ; भूला हुआ वक़्त, भूली हुई बात; वो भीगी सी आँखें, वो भीगी सी याद; मुबारक हो आपको मौसम की पहली बरसात।

कोई रास्ता नहीं दुआ के सिवा; कोई सुनता नहीं खुदा के सिवा; मैंने भी जिंदगी को करीब से देखा है, ए दोस्त; गर्मी में कोई साथ नहीं देता… . . . . . AC के सिवा।

इस भयानक गर्मी में अगर तुम्हें कोई ठंडी बियर पिला दे तो वो किसी मसीहा से कम नहीं, मरते दम तक उसका एहसान मत भूलना।

अपना समझो या बेगाना; हमारा आपका रिश्ता है पुराना; इसीलिए फ़र्ज़ था आपको बताना; गर्मियां शुरु हो गई हैं; कृप्या . . . . . . . रोज़ नहाना।

हम तो निकले थे तलाशे इश्क में; अपनी तनहाईयों से लड़ कर; . . . मगर . . . गर्मी बहुत थी, बियर पी के वापिस आ गए।

गर्मी आ गई हैं अपना ख्याल रखना। पानी ज्यादा पीना; खाना कम खाना; और सबसे जरूरी बात; सिर को धूप से बचाना; क्योंकि . . . . . भूसे मे आग जल्दी लगती है। शुभ गर्मी।

गर्मी सांग: सुनो गौर से पेप्सी वालो; बुरी नज़र ना कोक पे डालो; चाहे जितना Dew पिला दो; सबसे आगे होगा नींबू पानी। शुभ गर्मी!

Barish shayari in hindi

एक औरत क़ब्र पर बैठी थी। एक राहगीर ने पूछा, “डर नहीं लगता?” औरत: क्यों? इसमें डरने की क्या बात है। अंदर गर्मी लग रही थी तो बाहर आ गई। शुभ गर्मी।

बहुत अफ़सोस हो रहा है उन बेचारे लड़के-लड़कियों पे जो, . . . . . . . . . कंबल, रज़ाई में छुप कर कॉल और मैसेज किया करते थे। अब करो, हाय रे गर्मी!

कुछ तकनीकी खराबियों के कारण इस बार सर्दी के बाद गर्मी का मौसम उपलब्ध नहीं हो सकेगा। कृप्या बारिश का मज़ा लें। धन्यवाद!

दिल की धड़कन रुक सी गई है; सांसे मेरी थम सी गई हैं; पूछा हमने दिल के डॉक्टर से तो पता चला; सर्दी के कारण आपकी यादें दिल में जम सी गई हैं।

आ जा अभी सर्दी का मौसम नहीं गुजरा; पहाड़ों पर अभी भी बर्फ़ जमी है; सब कुछ तो है मेरे पास; सिर्फ एक तेरी ही कमी है।

चिलगोज़ी की खुश्बू, मूंगफली की बहार; सर्दी का मौसम आने को बेक़रार; थोड़ी सी मस्ती थोडा सा प्यार; मफलर, स्वेटर रखो तैयार; हैप्पी विंटर सीजन मेरे यार।

वो आज भी सर्दी में ठिठुर रही है दोस्तों; मैंने एक बार बस इतना कहा कि; “स्वेटर के बिना कैटरीना लगती हो।”

Rain quotes in hindi

दो बार लिप्स पे; 2 बार गाल पे; 2 बार माथे पे; 2 बार आँखों पे; चुंबन उम्बन (Kiss wiss) नहीं ओए; कोल्ड क्रीम जरूर लगाना सर्दी आ गई है न। हैप्पी सर्दी!

हल्की सर्दी का ज़माना है; मौसम भी सुहाना है; 1-2 प्यारे sms तो कर दो; क्या बैलेंस को अगले जन्म तक चलाना है।

अगर भीगने का इतना ही शौक है बारिश में तो देखो ना मेरी आँखों में; बारिश तो हर एक के लिए होती है; लेकिन ये आँखें सिर्फ तुम्हारे लिए बरसती हैं।

ये मौसम भी कितना प्यार है; करती ये हवाएं कुछ इशारा है; जरा समझो इनके जज्बातों को; ये कह रही हैं किसी ने दिल से पुकारा है।

जब जब आता है ये बरसात का मौसम; तेरी याद होती है साथ हमदम; इस मौसम में नहीं करेंगे याद तुझे ये सोचा है हमने; पर फिर सोचा कैसे बारिश को रोक पायेंगे हम।

उनका वादा है कि वो लौट आयेंगे; इसी उम्मीद पर हम जिये जायेंगे; ये इतंजार भी उन्ही की तरह प्यारा है; कर रहे थे कर रहे हैं और किये जायेंगे।

सावन ने भी किसी से प्यार किया था; उसने भी बादल का नाम दिया था; रोते थे दोनों एक दूसरे की जुदाई में; और लोगों ने उसे बारिश का नाम दिया था।

Barish shayari 2 line

आज बादल काले घने हैं; आज चाँद पे लाखों पहरे हैं; कुछ टुकड़े तुम्हारी यादों के; बड़ी देर से दिल में ठहरे हैं। शुभ वर्षा ऋतू!

भीगे मौसम की भीगी सी सूरत; भीगी सी याद भूली हुई बात; वो भीगी सी आँखें; वो भीगा हुआ साथ; मुबारक हो आपको आज की खूबसूरत बरसात!

बारिश के मौसम में क्या आपका दिल मचलता है; क्या पानी में भीगने का भी आपका दिल करता है; इसमें आपकी गलती नहीं है; इस मौसम में हर मेंढक ऐसे ही फुदकता है।

ज़िंदगी में एक बात हमेशा याद रखना कि तुम्हारे आँसू पोंछने वाले तो बहुत से लोग मिल जायेंगे। . .. … मगर तुम्हारी नाक पोंछने वाला कोई नहीं मिलेगा। इसलिये बच के रहो क्योंकि मौसम ख़राब है और जुखाम हो सकता है।

हमें बचपन में सिखाया गया था कि ज्यादा गर्मी अच्छी नहीं। कृपया मुझे यह बतायें की किसी ने भी यह शिक्षा ‘सूर्य’ को नहीं दी।


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